कारण: टाटा केमिकल्स, टाटा स्टील और टाटा पावर जैसी सार्वजनिक रूप से सूचीबद्ध कंपनियों के पास टाटा संस में शेयर हैं, जिससे होल्डिंग कंपनी सरकारी धन की अप्रत्यक्ष प्राप्तकर्ता बन जाती है। 31 मार्च, 2025 तक, टाटा स्टील के पास टाटा संस के 12,375 शेयर थे, जबकि टाटा केमिकल्स और टाटा पावर के पास क्रमशः 10,237 और 6,673 शेयर थे।